कभी फुरसत मिले तो हमें भी याद करना
दिल में बसाकर न बिछड़ने की फरियाद करना
फरिस्ता नहीं हूँ कोई मैं तुम्हारे लिए
पर तेरी खुशियों पर लाखों खुशियां न्यौछावर हजार बार हैं
तेरी तड़प को कर सकूं दूर तुझसे सदा के लिए जानेजाना तुझ पर मेरी सारी दुनियां ही निशार है
न जाने क्यों तुझपर इतना मुझे ऐतबार है
तुझे इनकार सही पर मुझे तो तुमसे ही प्यार है
तुझ से रौशन है मेरी तन्हा जिंदगी वरना मुझे कहां अपनी जिन्दगी से इकरार है
साथ रहना जब तक तुह्मारा दिल चाहे
दूरियां मुझे चुभती हर बार हैं
जब भी रहो संग हमारे मुस्कराते रहो
वरना दुनिया दिल में नस्तर चुभाने तैयार है
बदरंग जिंदगी तेरा साथ पाकर रंगत बदल देती है
वरना दिलबर का हसीन साथ कहाँ सबको मिलता यार है
तुम मिले ही हो इतने जतन से 'निश्छल'
तो मेरा दिल कब,कहाँ तुझे खोने को तैयार है
BY -ANIL KUMAR "निश्छल"
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