रचना का नाम-"अभी शुरुआत की है''
लड़खड़ा के गिरे हम तो क्या हुआ?-2
अभी तो हमनें शुरुआत की है।
दो कदम चले ही तो हैं अभी तक हम-2,
अभी ख़ुद से कहाँ हमनें बात की है?
चलते ही रहना है मकसद मेरा-2,
तभी मुश्किलों से मुलाक़ात की है।
मुश्किलातों का क्या कभी भी आते?-2
पा विजय वीरों नें करामात की है।
किस्मत बनाना मुश्किल काम नहीं-2,
मेहनत जिसने दिन-रात की है।
तोड़नें आए आने दे वक्त को "निश्छल''-2,
बात मेरे फ़ौलादी ज़ज्बात की है।
मौलिक एवम् स्वरचित
अनिल कुमार
"निश्छल''
शिवनी,कुरारा
हमीरपुर(उ०प्र०)
7458955275
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