"नाकामियां''
नाकामियां भी क्या पाठ खूब सिखाती हैं?
क्या गल्तियाँ हुईं? हमसे बार-बार बताती हैं।
इन नाकामियों से सबक लो ख़ुद को पुनः तैयार करो,
यही तो कामयाबी का सुरीला साज सजाती हैं?
नाकामियां___________
विश्लेषण कर जब इनका हम लक्ष्य बनाते हैं,
तो सच है,हम उनपर कामयाबी जरूर पाते हैं।
कैसे;कब;कहाँ;क्यों करना है;सारे काम; इंतजाम,
नाकामियां ही तो हैं;जो हमें सही रास्ता दिखाती हैं।
नाकामियां________________
ये कमियाँ नहीं हैं;न ही गुण हैं बहुत बड़े,
पर समाज में कर देती हैं;बंटाधार हमारा;खड़े-खड़े,
लोग ताने मारते हैं,तंज औ व्यंग कसते हैं; हम पर,
पर समय आने पर "निश्छल'' यही हमें पानी चढ़ाती हैं।
यही तो हैं;जो हरहाल में हमें कामयाबी दिलाती हैं,
नाकामियां भी क्या ख़ूब पाठ पढ़ाती हैं।
अनिल कुमार "निश्छल''
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